जालान दम्पति की मौत पर सन्न रह गया शहर
जालान उत्सव के मालिक प्रेम जालान और उनकी पत्नी दिव्या जालान की सड़क हादसे में मौत की खबर से गोरखपुर का पूरा व्यापार जगत सन्न रह गया। मुम्बई से पढ़ाई कर गोरखपुर शहर को व्यापारिक कर्म भूमि के रूप में चुनने के बाद प्रेम ने गांधी गली में एक छोटी सी दुकान से व्यापार की शुरुआत की और जालान उत्सव ब्रांड के नाम से शहर में अपनी एक अच्छी मुकाम बना ली थी।
शाहपुर क्षेत्र के जेमिनी अपार्टमेंट में प्रेम जालान अपने परिवार के साथ रहते थे। उनके दो बच्चे हैं, बेटा ऋषभ 11वीं का छात्र है और शहर के सेंटपाल स्कूल में पढ़ता है। बेटी नंदनी दिल्ली के एक कॉलेज से बीएससी कर रही है। मुम्बई से कॉमर्स की पढ़ाई करने के बाद प्रेम के पिता ने व्यापार के लिए कर्मभूमि चुनने को कहा तो उन्होंने यूपी के कई शहरों की सर्वे के बाद गोरखपुर शहर का चयन किया। अपनी पत्नी दिव्या के साथ मिलकर गांधी गली में जालान उत्सव के नाम से 12 बाई 14 की पहली दुकान खोली। पति-पत्नी के अलावा यहां एक नौकर भी था।
गांधी गली में उन्होंने न सिर्फ दुकान का विस्तार किया बल्कि शहर में मेडिकल रोड पर असुरन के पास तथा इंजीनियरिंग कॉलेज रोड पर गिरधरगंज बाजार में भी दो और दुकानें खोली। सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यों में भी वह बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। पिछले दिनों शहर में हुए मोरारी बापू के राम कथा कार्यक्रम में इनका परिवार भी मुख्य आयोजकों में से एक था।
तीन भाई में दूसरे नम्बर के थे प्रेम जालान : प्रेम जालान तीन भाई में दूसरे नम्बर के थे। बड़े विष्णु जालान का पटना में कारोबार है वहीं छोटे भाई वाराणसी में बड़े कारोबारी हैं। हादसे की खबर के बाद दोनों भाई अयोध्या के लिए रवाना हो गए हैं। उधर, जेमिनी अपार्टमेंट में स्थित आवास पर शुभचिंतकों का तांता लग गया। दुर्घटना के बारे में जिसने भी सुना वह दंग रहा गया।
भाई जी के नाम से पुकारते थे कर्मचारी
सोमवार की देर शाम जैसे ही दुर्घटना की खबर उनके गांधी गली स्थित दुकान के कर्मचारियों को हुई तो वे सन्न रह गए। अयोध्या से प्रेम जालान के मोबाइल से थानेदार ने मैनेजर मिथिलेश के मोबाइल पर फोन कर दुर्घटना की जानकारी दी उसके बाद ही उनकी पहचान भी हुई। खबर मिलते ही कर्मचारी रोने लगे। मिथिलेश गाड़ी लेकर अयोध्या के लिए रवाना हो गए वहीं सुपरवाइजर प्रदीप गुप्ता व अन्य कर्मचारी दुकान समेटने में जुट गए। कर्मचारियों ने अन्य दोनों दुकानों के कर्मचारियों को खबर दी। प्रेम जालान के तीनों दुकानों में मिलाकर वर्तमान में 70 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। सभी कर्मचारी उन्हें भाई जी के नाम से पुकारते थे।
काश! भइया जी ड्राइवर ले गए होते
प्रेम जालान पत्नी और बच्चे के साथ भांजी की शादी समारोह में जयपुर गए थे। सड़क मार्ग से खुद कार ड्राइव करते हुए वे लखनऊ एयरपोर्ट तक गए वहां से फ्लाइट पकड़कर जयपुर गए। गाड़ी वहीं पार्किंग में खड़ी कर दी थी। सोमवार को लौटे तो गाड़ी से खुद ड्राइव करते हुए आ रहे थे। कर्मचारियों ने कहा कि काश भइया जी, ड्राइवर लेकर गए होते।
चार मई को प्रेम जालान ने मनाई थी 20 वीं सालगिरह
प्रेम जालान की पत्नी विद्या भी उनके व्यापार में कंधे-से कंधा मिलाकर चलीं। उन्होंने भी व्यापार को बढ़ाने में पति का पूरा सहयोग किया। शुरू में वह भी पति के साथ दुकान पर बैठती थीं। दम्पति ने चार मई को अपनी 20वीं सालगिरह मनाई थी।